एमएसएमई को मजबूत करने के लिए निदेशालय के गठन को मंजूरी

एमएसएमई को मजबूत करने के लिए निदेशालय के गठन को मंजूरी

चंडीगढ़
प्रदेश में एमएसएमई (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम) इकाइयों को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने इसके निदेशालय के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के विकास एवं गठन के लिए नए एमएसएमई निदेशालय बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कार्य को एमएसएमई निदेशालय, उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय और आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय के बीच वितरित करने के लिए एक ज्ञापन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

सीएम ने कहा कि विशेष रूप से देश एवं सकल घरेलू उत्पाद, आर्थिक विकास और बड़ी संख्या में नौकरियों के सृजन की क्षमता के कारण एमएसएमई क्षेत्र को विकास स्तंभ के रूप में स्वीकार किया जाता है। हरियाणा ने पिछले वर्षों में राज्य में समग्र एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी के मद्देनजर राज्य में एमएसएमई को मजबूत करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एक अलग निदेशालय गठित किया जाएगा, ताकि एमएसएमई के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
एमएसएमई निदेशालय राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, पावरलूम आदि के समग्र विकास के लिए नीतियों की योजना बनाने और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जिम्मेदार होगा। निदेशालय एमएसएमई को साख, सामान्य सुविधाएं, टूल रूम इत्यादि के लिए मदद करेगा। यह आबकारी एवं कराधान विभाग की बजाय ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के कार्य का प्रबंधन भी करेगा।

नियंत्रक, महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों पर विचार करेगी सरकार
प्रदेश में अब भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों पर विचार करते हुए प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। बैठक में इस संदर्भ में संशोधन विधेयक-2020 ‘हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही अधिनियम, 2019’ को स्वीकृति प्रदान की गई।

हरियाणा में एक बराबर होगा एचसीएस अफसरों का वेतन
हरियाणा में अब एचसीएस की रेगुलर भर्ती और पश्चातवर्ती नियुक्ति वाले एचसीएस अफसरों का वेतन एक समान होगा। इसके लिए एक खास व्यवस्था की गई है और संबंधित सेवा नियम में संशोधन को कैबिनेट में मंजूरी भी दी गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में निम्न वेतनमान से उच्च वेतनमान में अनुवर्ती नियुक्ति पर वेतन निर्धारित या वेतन संरक्षित करने के लिए हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। अब ये नियम हरियाणा सिविल सेवाएं (वेतन) संशोधन नियम, 2020 कहे जाएंगे। ये पहली जनवरी 2016 से लागू होंगे।

अब ‘सभी के लिए आवास विभाग’ के दायरे में होंगे सूबे की आवासीय योजनाएं
हरियाणा सरकार ने अब प्रदेश में ‘सभी के लिए आवास विभाग’ के नाम से निदेशालय स्थापित करने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे भी मंजूरी दी गई है। राज्य के निवासियों को सस्ते मकान, फ्लैट उपलब्ध करवाने और भूमि अधिग्रहण एवं विकास योजना, निम्न आय ग्रुप हाउसिंग योजना, मध्यम आय ग्रुप हाउसिंग योजना, रेंटल आवास योजना, ग्रामीण आवास योजना और आर्थिक सहायता प्राप्त औद्योगिक आवास योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए आवास विभाग के तहत आवास बोर्ड मौजूद था। मगर अब ये सारा काम ‘सभी के लिए आवास विभाग’ के दायरे में होगा।

संगठित अपराध को रोकने के लिए अब आएगा विधेयक
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में ‘हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2020’ पेश करने को स्वीकृति दी गई। यह पूरे राज्य में लागू होगा। अधिसूचना के बाद राज्य में संगठित अपराध को रोकने के लिए राज्य में समान कानून लागू करना अनिवार्य हो गया है। जो गैंगस्टर, संगठित आपराधिक गिरोहों के सरगनाओं और सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है। नया मसौदा विधेयक प्रस्ताव के लिए अगले विधानसभा सत्र में लाया जाएगा।

पंचकूला में बिना टैक्स चलेंगी सीटीयू की बसें
पंचकूला जिले में अब चंडीगढ़ की सीटीयू बसों को बिना टैक्स चलाने की अनुमति दी गई है। हरियाणा सरकार ने ट्राई सिटी के हिस्से यानी पंचकूला में स्थानीय मार्गों पर चल रहीं सीटीयू की बसों को मोटर वाहन टैक्स की अदायगी से छूट देने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस संदर्भ में  फैसला लिया गया। सीटीयू के स्वामित्व वाली बसों को मोटर-वाहन कर की अदायगी से छूट देने से दोनों काउंटर पार्ट्स यानी हरियाणा रोडवेज और सीटीयू एक समान प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगे और चंडीगढ़ तथा हरियाणा के ट्राई सिटी क्षेत्र में बसों की निर्बाध आवाजाही में मदद मिलेगी।

 

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